स्वामी विवेकानन्द के 50+ अनमोल विचार [Swami Vivekanand ke 50+ Anmol Vachan]

  • सत्य को हज़ार तरीके से कहेंगेफिर भी वह सत्य ही होगा।
  • अनुभव ही आपका सर्वोत्तम शिक्षक है, जब तक जीवन है सीखते रहो।
  • उठो, जागो और तब तक मत रुको जब तक लक्ष्य की प्राप्ति ना हो जाए।
  • खुद
    को
    कमज़ोर समझना सबसे बड़ा पाप है।
  • तुम्हें कोई नहीं पढ़ा सकता, कोई आध्यात्मिक नहीं बना सकता,
    तुमको सब कुछ खुद अंदर से सीखना
    है। आत्मा से अच्छा कोई शिक्षक नही होता
    है
  • शिक्षा का अर्थ है उस पूर्णता को व्यक्त करना जो सब मनुष्यों में पहले से विद्यमान है।
  • बल ही जीवन और दुर्बलता मृत्यु है
  • धर्म कल्पना की चीज नहीं है, प्रत्यक्ष दर्शन की चीज है। जिसने एक भी महान आत्मा के दर्शन कर लिए वह अनेक पुस्तकी पंडितों से बढ़कर है।

Swami Vivekanand Ke Anmol Vichar

  • मस्तिष्क की शक्तियां सूर्य की किरणों के समान हैं, जब वो केन्द्रित होती हैं तो चमक उठती हैं।
  • इच्छा का समुद्र हमेशा अतृप्त रहता है उसकी माँगे ज्योंज्यों पूरी की जाती है, त्योंत्यों और गर्जन करता है।
  • बाहरी स्वभाव
    केवल अंदरूनी स्वभाव
    का बड़ा रूप हैं।
  • वह नास्तिक है, जो अपने आप में विश्वास नहीं रखता।
  • यदि परिस्थितियों पर आपकी पकड़ मजबूत है तो जहर उगलने वाला भी आपका कुछ नही बिगाड़ सकता।
  • उपहास, विरोध और स्वीकृति
    हर

    काम को तीन अवस्थाओं से गुज़रना होता है
  • हमें ऐसी शिक्षा चाहिए जिससे चरित्र का निर्माण हो, मन की शक्ति बढ़े, बुद्धि का विकास हो और मनुष्य अपने पैर पर खड़ा हो सके।
  • संभव की सीमा जानने का एक ही तरीका है, असंभव से भी आगे निकल जाना

Swami Vivekanand ke anmol vichar in hindi

  • किसी चीज से डरो मततुम अद्भुत काम करोगे यह निर्भयता ही है जो क्षण भर में परम आनंद लाती है
  • किसी दिन जब आपके सामने कोई समस्या ना आए आप सुनिश्चित हो सकते हैं कि आप गलत मार्ग पर चल रहे हैं।
  • धर्म ही हमारे राष्ट्र की जीवन शक्ति है, यह शक्ति जब तक सुरक्षित है, तब तक विश्व की कोई भी शक्ति हमारे राष्ट्र को नष्ट नहीं कर सकती।
  • अनेक देशों में भ्रमण करने के पश्चात् मैं इस निष्कर्ष पर पहुँचा हूँ कि संगठन के बिना संसार में कोई भी महान एवं स्थाई कार्य नहीं किया जा सकता।
  • ब्रह्माण्ड की सारी शक्तियां
    पहले से हमारी
    हैं, वो हम ही हैं जो अपनी आंखों पर हाथ रख लेते हैं और फिर बोलते हैं कि कितना
    अंधकार है।
  • विश्व एक विशाल व्यायामशाला है जहां हम खुद को मज़बूत बनाने के लिए आते हैं।

Swami Vivekanand ke anmol vachan

  • दिल और दिमाग के टकराव में हमेशा दिल की सुनो।
  • यदि संसार में कहीं कोई पाप है तो वह है दुर्बलता, हमें हर प्रकार की कमजोरी या दुर्बलता को दूर करना चाहिए।
  • दिनरात अपने मस्तिष्क को उच्चकोटि के विचारो से भरो, जो फल प्राप्त होगा वह निश्चित ही अनोखा होगा।
  • कभी मत सोचिये कि आत्मा के लिए कुछ असंभव है, ऐसा सोचना सबसे बड़ा अधर्म है। अगर कोई पाप है तो यह कहना कि तुम निर्बल हो।
  • जब तक करोड़ों लोग भूखे और अज्ञानी रहेंगे, मैं उस प्रत्येक व्यक्ति को विश्वासघाती मानूंगा जो उनकी कीमत पर शिक्षित हुआ है और उनकी ओर बिल्कुल भी ध्यान नहीं देता है।

Swami Vivekananda ke anmol vachan hindi mein

  • शक्ति जीवन है, निर्बलता मृत्यु है। विस्तार जीवन है, संकुचन मृत्यु है। प्रेम जीवन है, द्वेष मृत्यु है।
  • केवल उन्हीं का जीवन, जीवन है जो दूसरों के लिए जीते हैं,
    अन्य

    सब तो जीवित होने से अधिक मृत हैं।
  • आकांक्षा, अज्ञानता और असमानता यह बंधन की त्रिमूर्तियां हैं।
  • लोग तुम्हारी स्तुति करें या निन्दा, लक्ष्य तुम्हारे ऊपर कृपालु हो या हो, तुम्हारा देहांत आज हो या युग में, परंतु तुम न्यायपथ से कभी भ्रष्ट होना।
Swami Vivekananda
  • जितना बड़ा संघर्ष होगा, जीत उतनी ही शानदार होगी।
  • एक समय में एक काम करो, और ऐसा करते समय अपनी पूरी आत्मा उसमे डाल दो और बाकी सब भूल जाओ।
  • ज्ञान का प्रकाश सभी अंधेरों को खत्म कर देता है।
  • दिन में कम से कम एक बार खुद से जरूर बात करें अन्यथा आप एक उत्कृष्ट व्यक्ति के साथ एक बैठक गँवा देंगे।
  • हम हमेशा अपनी कमज़ोरी को अपनी शक्ति बताने की कोशिश करते हैंअपनी भावुकता को प्रेम कहते हैं और अपनी कायरता को धैर्य
  • जब लोग तुम्हे गाली दें तो तुम उन्हें आशीर्वाद दो, सोचो, कि तुम्हारे झूठे दंभ को बाहर निकालकर वो तुम्हारी कितनी मदद कर रहे हैं।
  • जब तक आप खुद पर विश्वास नहीं करते तब तक आप ईश्वर पर विश्वास नहीं कर सकते।
  • सच्चाई के लिए कुछ भी छोड़ देना चाहिए, पर किसी के लिए भी सच्चाई नहीं छोड़ना चाहिए। 
  • मैंने भगवान से शक्ति मांगी उसने मुझे मुश्किल हालात में डाल दिया।
  • आप जोखिम लेने से भयभीत हो, यदि आप जीतते हैं तो नेतृत्व  करते है और यदि हारते हैं तो आप दुसरो का मार्गदर्शन कर सकते हैं।
  • पढ़ने के लिए जरूरी है एकाग्रता, एकाग्रता के लिए जरूरी है ध्यान, ध्यान से ही हम इन्द्रियों पर संयम रखकर एकाग्रता प्राप्त कर सकते हैं
  • जब आप व्यस्त होते हैं तो सब कुछ आसान लगता है परन्तु आलसी होने पर कुछ भी आसान नहीं लगता।
  • आप मुझको पसंद करते हो तो मैं आपके दिल में हूँ, यदि नफरत करते हो तो मन में।

स्वामी विवेकानंद का अनमोल विचार

  • जिस समय जिस काम के लिए प्रतिज्ञा करो, ठीक उसी समय पर उसे करना चाहिये, नहीं तो लोगो का विश्वास उठ जाता है।
  • समय का पाबंद होना लोगों पर आपके विश्वास को बढ़ाता है।
  • हजारों ठोकरें खाने के बाद ही एक अच्छे चरित्र का निर्माण होता है। 
  • ज्ञान स्वयं में वर्तमान है, मनुष्य केवल उसका आविष्कार करता है।
  • मनुष्य की सेवा ही भगवान की सेवा है।
  • जो किस्मत पर भरोसा करते हैं वो कायर हैं, मज़बूत वो हैं जो अपनी किस्मत खुद बनाते हैं। 
  • जब तक जीना तब तक सीखना, अनुभव ही जगत में सर्वश्रेष्ठ शिक्षक है।
  • पवित्रता, धैर्य और उद्यम ये तीनों गुण मैं एक साथ चाहता हूँ
  • यदि हम ईश्वर को अपने हृदय में और प्रत्येक जीवित प्राणी में नहीं देख सकते, तो हम खोजने कहाँ जा सकते हैं।
  • यह कभी मत कहो कि मैं नहीं कर सकता, क्योंकि आप अनंत हैं, आप कुछ भी कर सकते हैं।
  • अपने इरादों को मज़बूत रखो। लोग जो कहेंगे उन्हें कहने दो, एक दिन वही लोग तुम्हारा गुणगान करेंगे।
उम्मीद है की स्वामी विवेकानन्द का अनमोल वचन आपको जरुर पसन्द आया होगा। अगर अच्छा लगा हो तो हमें कमेन्ट करके जरुर बतायें। अगर आपके पास स्वामी विवेकानन्द के कुछ और अनमोल विचार हो तो हमें जरुर बतायें हम उसे इस ब्लाॅग पोस्ट में एड करेंगे।
धन्यवाद

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